राजस्थान, साम्भर नमक झील के आसपास के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए,भारत की आन्तरिक नमक की झील (साम्भर झील) जल्द ही एक पर्यटन स्थान के रूम में विकसित होगी। दो सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगो- Hindustan Salt Ltd. (HSL) तथा India Tourism Development Corporation(ITDC) जल्द ही साम्भर में पर्यटन के लिए आधारभूत ढाँचा बनाने के लिए एक MOU हस्ताक्षरित करेंगी।
साम्भर - जयपुर - अजमेर महामार्ग पर स्थित है तथा जयपुर/अजमेर विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थलो के सबसे करीब है। इसका खूबसूरत धनी वास्तुशिल्प तथा सांस्कृतिक धरोहरे इसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बनाता हैं।
सांभर झील में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा हे जिसके अंतर्गत राजस्थान सरकार द्वारा टॉय ट्रैन सांभर झील में चलाई जा रह है तथा सांभर लेक में प्रवासी पक्षी जैसे फ्लेमिंगो बर्ड बहुतायत मात्रा मैं आते हैं तथा विहंगम नज़ारा प्रस्तुत करते हैं
सांभर झील के समीप टेंट बनाने की योजना हे जिसके लिए भूमि अधिकृत कर ली गयी है
किशनगढ़ हवाई अड्डा (IATA: KQH, ICAO: VIKG) राजस्थान के किशनगढ़ में स्थित एक घरेलू हवाई अड्डा है, जो अजमेर से लगभग 27 किमी दूर है। 11 अक्टूबर, 2017 को इसका उद्घाटन हुआ था। यह किशनगढ़ और अजमेर के जुड़वां शहरों के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है, जिससे अजमेर शरीफ दरगाह जाने वाले तीर्थयात्रियों और पुष्कर जाने वाले पर्यटकों की सुविधा में सुधार होता है। भारतीय विमानन प्राधिकरण द्वारा संचालित इस हवाई अड्डे में 2,000 मीटर का रनवे और एक यात्री टर्मिनल है जो व्यस्त समय में 150 यात्रियों को संभाल सकता है। टर्मिनल में स्थानीय संगमरमर कला और बानी थानी चित्रकलाएं हैं, जो क्षेत्र की संस्कृति और विरासत को दर्शाती हैं। किशनगढ़ हवाई अड्डा कई प्रमुख भारतीय शहरों से जुड़ा हुआ है और क्षेत्र में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित किशनगढ़, एशिया के सबसे बड़े नेचुरल स्टोन हब में से एक बन गया है। खबरों के अनुसार, इस इलाके में अब 1,000 से ज्यादा गैंग सॉ यूनिट्स, हजारों कटर/एज मशीनें और बड़ी संख्या में डीलर एवं प्रोसेसर मौजूद हैं।
“भारत की मार्बल सिटी”
यह नाम इस शहर एवं इलाके में मार्बल की प्रोसेसिंग और ट्रेडिंग से जुड़ी गतिविधियों की बड़ी मौजूदगी को दर्शाता है। यहाँ बड़ी संख्या में इस व्यवसाय से जुड़े लोग काम करते हैं तथा बड़े-बड़े शोरूम और गोदाम मौजूद हैं। इसके साथ ही यहाँ होने वाला अंतरराष्ट्रीय व्यापार भी किशनगढ़ को मार्बल उद्योग का एक प्रमुख केंद्र बनाता है।
“भारत का स्विट्जरलैंड”
यह किशनगढ़ के पास स्थित मार्बल स्लरी (मार्बल की धूल और पानी का मिश्रण) के ढेरों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक लोकप्रिय स्थानीय नाम है। ये ढेर बर्फ जैसे सफेद दिखाई देते हैं और पर्यटकों के लिए एक अनोखा आकर्षण बन गए हैं।
मार्बल की धूल से बनी ये पहाड़ियाँ अपने आकार-प्रकार और सफेद रंग के कारण पूरे इलाके को बर्फीला रूप देती हैं। सफेद बैकग्राउंड की वजह से यह जगह सोशल मीडिया रील्स, प्री-वेडिंग शूट और फोटोग्राफी के लिए एक लोकप्रिय हॉटस्पॉट बन गई है।
“फिल्म शूटिंग”
यहाँ कई फिल्मों और म्यूजिक वीडियो की शूटिंग भी हुई है।