"भारत का संगमरमर शहर": इस शहर/क्षेत्र में संगमरमर प्रसंस्करण और व्यापार गतिविधियों की अत्यधिक सघनता, विशाल कार्यबल, बड़े शोरूम और गोदामों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार के कारण।
एशिया के सबसे बड़ी मार्बल मार्किट किशनगढ़/मकराना
पृष्ठभूमि के कारण यह जगह सोशल मीडिया रील्स, प्री-वेडिंग शूट और फोटोग्राफी के लिए एक हॉटस्पॉट बन चुकी है।
फिल्म शूटिंग: यहाँ कई फिल्मों और म्यूजिक वीडियो की शूटिंग भी हो चुकी है।
किशनगढ़-कोटपूतली ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
यह एक्सप्रेसवे सीकर, अजमेर, नागौर और शेखावाटी के भागों सहित कई जिलों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसके निर्माण के बाद कोटपूतली से किशनगढ़ की वर्तमान यात्रा जो लगभग 225 किमी (लगभग 5 घंटे) है, घटकर केवल 2 घंटे रह जाएगी।
यह मार्ग NH-48 और NH-448 को जोड़ेगा, और सम्भवतः मकराना, रूपनगढ़ (जो आवासीय योजना से 15 मिनट दूर है), कुचामन, पालसना, खंडेला, नीमकाथाना आदि क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।
यह कॉरिडोर माल ढुलाई में सहूलियत देगा, विशेष रूप से किशनगढ़ के संगमरमर (मार्बल) उद्योग को दिल्ली व अन्य बाजारों तक परिवहन के लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा।
संक्षेप में, किशनगढ़-कोटपूतली ग्रीनफील्ड कॉरिडोर राजस्थान की लॉजिस्टिक्स, व्यापार और दिल्ली से कनेक्टिविटी के लिए परिवर्तनकारी परियोजना साबित होगा, जिससे यात्रा में समय की बचत होगी और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।